10 नवम्बर को अमेज़न फ्लिपकार्ट के खिलाफ दिल्ली में व्यापारियों की राष्ट्रीय बैठक

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CAIT
जितेन्द्र दोशी ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि सभी व्यापारी साथियो से एकजुट होकर 20 नवम्बर को होने वाला धरना प्रदर्शन के लिए लामबंद होने का आग्रह किया ।

दिल्ली / ई कामर्स कंपनियों के साथ किसी भी तरह की सहभागिता को कैट ने अस्वीकार किया
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंड़िया ट्रेड़र्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, प्रदेश महामंत्री जितेंद्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, एवं प्रदेश प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि मीडिया में छपे विभिन्न समाचार जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों को सरकार ने सलाह दी है की वो अपने व्यापार की वृद्धि में ऑफ़लाइन व्यापार को हिस्सा बनायें जाने के प्रस्ताव को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि ऐसी किसी भी कम्पनी जो सरकार की नीति का पालन नहीं करती है के साथ व्यापारियों का हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं है ।कैट ने पहले ही इन ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की हुई है और जिसके लिए 13 नवम्बर से देश भर में अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट सहित अन्य ई कामर्स कंपनियों के खिलाफ एक आंदोलन शुरू कैट ने 10 नवम्बर को दिल्ली में देश के सभी राज्यों के प्रमुख व्यापारी नेताओं की एक आपात राष्ट्रीय बैठक बुलाई है जिसमें आगामी करने की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख नेता बैठक में भाग लेंगे। कैट ने ट्रांसपोर्ट , लघु उद्योग,हॉकर्स किसानों, उपभोक्ताओं, स्व-नियोजित समूहों और महिला उद्यमियों के राष्ट्रीय संगठनों के नेताओं के साथ स्वदेशी जागरण मंच को भी बैठक में आमंत्रित किया है।कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने कहा -इन ई कामर्स कंपनियों ने लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, भारी डिस्काउंट देना ,हानि वित्तपोषण बिकने वाले माल पर नियंत्रण तथा अपने पोर्टल पर कुछ विशेष विक्रेताओं को प्रमुखता देने जैसी व्यापार पद्दति अपनाई जा रही है जो सरकार की एफडीआई नीति का सरासर उल्लंघन हैं। एक अनुमान के अनुसार दिवाली के त्योहारी सीजन में देश भर में लगभग 6 लाख करोड़ का व्यापार होता है जबकि इस साल देश के व्यापारियों ने लगभग 3 लाख करोड़ का व्यापार ही किया है ।


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