मोखला में रात भर रंगारंग कार्यक्रम ”अरपा पैरी के धार गीत में मग्नमुग्ध हुए दर्शक

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गीत संगीत से भरी रात का रंगारंग आयोजन हुआ उसमें रात भर दर्शक डूबते-उतराते रहे। लोक गायिका जयंती यादव ने जहां ''छैला बाबू''और ''देखे -देखे देवर बाबू'' गाकर लोगो को झुमाया वहीं रजनी रजक ने ''इसा बोली रे''गीत गाकर तथा कुलेश्वर ताम्रकार ने ''अहो मन भजों गणपति गणराज'' व महादेव हिरवानी ने ''वाह रे मोर पड़की के मैना'' जैसे सुप्रसिद्ध गीत गाकर लोगो का मन मोहा।

राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ी लोकरंग शैली ”नाचा के पुरोधा पुरूष- दाउ मंदराजी, लोक सांस्कृतिक जागरणी संस्था चन्दैनी गोदा” के संंस्थापक -दाउ रामचन्द्र देशमुख, संत कवि पवन दीवान, डां. नरेन्द्र वर्मा, खुमान साव, लक्ष्मण मस्तुरिया आदि लोक कला धर्मियों की यादे संजोये रखने शहर के युवा संगीतकार गोविन्द साव द्वारा गठित लोक सास्कृतिक संस्था लोकधुन सुरता के रंगारंग सास्कृतिक मंच में कवि/साहित्यकार एवं लोक संगीतकार आत्माराम कोशा ”अमात्य” का सम्मान किया गया। ग्राम मोखला में आयोजित उक्त लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ के सुप्रसिद्ध गायक गायिकाओं एवं कवि/साहित्यकारों का जमावड़ा था। इस दौरान प्रख्यात लोक गायिका जयंती यादव, रजनी रजक, विनिता, संगीता व मंदराजी सम्मान से विभुषित लोक गायक कुलेश्वर ताम्रकार, महादेव हिरवानी, संतोष ढीमर आदि ने छ.ग. सरकार द्वारा घोषित राज्यगीत ”अरपा पैरी के धार.. महानदी हे अपार” गाकर लोगो का दिल जीत लिया। कार्यक्रम का शुभारंम महापौर मधुसुदन यादव द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। इस दौरान कला परंपरा के डी. पी. देशमुख, हरिभूमि चौपाल के दीनदयाल साहू, चदैनी गोंदा के कलाकार गोपी पटेल नृत्य निर्देशिका ज्याोति पटेल, दिनेश साहू दाउ मंदराजी फिल्म के निर्माता विवेक सार्वा, कवि लखन लाल साहू, नन्दकुमार साहू सहित हजारों दर्शक की उपस्थिति में लोक धुन सुरता परिवार की ओर से गायक महादेव हिरवानी द्वारा लोक संगीतकार कोशा का सम्मान उनके लोककला साहित्य एवं लोक संगीत के क्षेत्र में अवदान के लिए शाल फल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया इसी के साथ ही वरिष्ट साहित्य कार एवं ज्योतिषाचार्य सरोज द्विवेदी भी सम्मानित हुए।

लोक धुन के उदघोषक रोशन साहू ने बताया कि सम्मान कार्यक्रम के बाद जो गीत संगीत से भरी रात का रंगारंग आयोजन हुआ उसमें रात भर दर्शक डूबते-उतराते रहे। लोक गायिका जयंती यादव ने जहां ”छैला बाबू”और ”देखे -देखे देवर बाबू” गाकर लोगो को झुमाया वहीं रजनी रजक ने ”इसा बोली रे”गीत गाकर तथा कुलेश्वर ताम्रकार ने ”अहो मन भजों गणपति गणराज” व महादेव हिरवानी ने ”वाह रे मोर पड़की के मैना” जैसे सुप्रसिद्ध गीत गाकर लोगो का मन मोहा। इस अवसर पर हारमोनियम में संगत लोकधुन सुरता के निर्देशक गोविंद साव ने की वही तबले पर उग्रसेन (गुडडू) राकेश साहू ने कमाल दिखया। अन्य वाद्यों में रामकुमार पाटिल मोरध्वज साहू आदि ने संगत की। कार्यक्रम में हेमंत साहू ने गुदगुदाती कामेंडी प्रस्तुत की वही सांवत सोनी ने भी अपने सुमधूर सुर बिखेरे । कार्यक्रम का संचालन रौशन साहू नें किया। उन्होने बताया कि गौटनिन के रूप में प्रसिद्ध मोखला गा्रम के इस रंगारंग लोक सास्कृतिक आयोजन में अन्य कलाकार व साहित्यकार भी सम्मानित हुए जिसमें ग्राम के सुभाष युवा संगठन एवं समस्त गा्रमीणजन का सहयोग सराहनीय रहा। प्रेषक -शिक्षक रौशन साहू

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