हत्या के प्रयास के मामले में पति, जेठानी एवं सास को पाँच-पाँच वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

0
21

राजनांदगाव/ प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि, पुष्पा साहू का विवाह वर्ष 2003 में ग्राम कोटराभाठा में रूमलाल साहू से हुआ था, सड़क दुर्घटना में रूमलाल साहू की मृत्यु के पश्चात् उसका चुड़ी विवाह सामाजिक रीति-रिवाज के साथ अभियुक्त तुकाराम साहू के साथ हुआ। पुष्पा बाई अभियुक्त तुकाराम साहू की दूसरी पत्नि है । पुष्पा साहू के अनुसार उसके पति तुकाराम का उसकी जेठानी टिकेश्वरी के साथ नाजायज़ सबंध था और इस बात को घर के सभी लोग जानते थे। तुकाराम साहू द्वारा पुष्पा साहू को पत्नी का दर्जा नहीं दिया जाता था। 28 अगस्त 2018 की रात्रि 9.00 बजे आरोपी तुकाराम के साथ विवाद इस बात को लेकर हुआ कि, उसके पति तुकाराम ने उसे पत्नि का दर्जा नहीं दिया है और अपनी भाभी से नाज़ायज संबंध रखता है, इस बात पर तुकाराम अपनी पत्नि पुष्पा बाई को मारने पर उतारू हो गया तब पुष्पा बाई की जेठानी टिकेश्वरी और सास बेदूबाई ने पुष्पा बाई के हाथ को पकड़ लिया और तुकाराम ने पुष्पा बाई के ऊपर मिट्टी तेल डालकर जलाने का प्रयत्न किया किन्तु तुकाराम के आग लगाने के पहले पुष्पा बाई वहाँ से अपनी जान बचाकर भागी और अपने चाचा कन्हैया लाल साहू को काॅल कर घटना की जानकारी दी और अपने चाचा के साथ थाना सोमनी जाकर रिपोर्ट दर्ज करायी।प्रार्थिया पुष्पा साहू की रिपोर्ट पर थाना सोमनी द्वारा मामला पंजीबद्ध कर जाँच में लिया गया था । दौरान जाँच के आरोपीगण तुकाराम साहू, बेदूबाई साहू एवं टिकेश्वरी साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था तथा सम्पूर्ण विवेचना उपरान्त आरोपीगणाों के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 307/34 के तहत् विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राजनाँदगाँव पीठासीन अधिकारी ‘श्री शेख अशरफ’ द्वारा विचारण उपरान्त मामले में आज दिनाँक 26 नवम्बर 2019 को निर्णय घोषित कर आरोपी तुकाराम साहू पिता सुखदेव साहू, उम्र 40 वर्ष एवं आरोपिया बेदूबाई साहू पति सुखदेव साहू, उम्र 60 वर्ष एवं आरोपिया टिकेश्वरी साहू पति बलराम साहू, उम्र 34 वर्ष को सभी निवासी ग्राम मनगटा, थाना सोमनी, जिला राजनांदगांव (छ.ग.) को पुष्पा बाई की हत्या के प्रयास के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 के अपराध में पाँच-पाँच वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रूपये का अर्थदंड, अर्थदंड की राशि अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्तगण को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कठोर करावास भुगताये जाने का दण्डादेश पारित किया गया। मामले में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कुंजलाल साहू ने पैरवी की।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें